महालक्ष्मी यंत्र

इस यंत्र को निरन्तर धन वृद्धि के लिए अधिक उपयोगी माना गया है। कम समय में ज्यादा धन वृद्धि के लिए यह यंत्र अत्यन्त उपयोगी है इस यंत्र की चल या अचल दोनों तरह से प्रतिष्ठा की जाती है।महालक्ष्मी यंत्र अत्यन्त दुर्लभ परंतु लक्ष्मी प्राप्ति के लिए रामबाण प्रयोग है तथा अपने आप में अचूक, स्वयं सिद्ध, ऐश्वर्य प्रदान करने में सर्वथा समर्थ है। इस यंत्र का प्रयोग दरिद्रता का नाश करता है। यह स्वर्ण वर्षा करने वाला यंत्र कहा गया हैै। रंक को राजा बनाने की सामथ्र्य है इसमें।

इसकी कृपा से गरीब व्यक्ति एकाएक धनोपार्जन करने लगता है।

यह अद्भुत स्तोत्र तुरंग फलदायनीय है परंतु इस स्तोत्र पाठ के सामने ’कनकधारा यंत्र’ होना चाहिए जिसकी प्राण-प्रतिष्ठा उतनी ही दुर्लभ व दुःसाध्य है जछिल प्रक्रिया के कारण बहुत कम लोग इसे सिद्ध कर पाते हैं। सिद्ध होने पर यह कनकधारा यंत्र व्यापार वृद्धि दारिद्रय नाश करने व ऐश्वर्य प्रदान करने में आश्चर्यजनक रूप से काम करता है।

दीपावली के शुभ अवसर पर सिंह लग्न में इस यंत्र को सम्मुख रखकर धूप दीप आदि द्वारा पूजन करने के पश्चात ऋग्वेद, का श्री सूक्त और कनक धारा को सम्पुटित करके सोलह पाठ करने से तथा अनेक प्रकार के उपचार से महालक्ष्मी का पूजन करने से माता लक्ष्मी वर्षपर्यंत उस स्थान में निवास करती हैं तथा अपने भक्ति गणों अनुग्रहीत करती हैं।