वास्तु का कुंडली से सम्बन्ध

अक्सर देखा जाता है की एक व्यति को गृह परिवर्तन के बाद भी उसी प्रकार के वास्तु दोष सहित दूसरा घर प्राप्त होता हैं। अर्थात कुछ वास्तु दोष ऐसे होते हैं जो हमारी कुंडली के दोषों को दर्शाते हैं। या यूं कहें की हमारी कुंडली के ग्रहानुसार ही हमें अपना घर प्राप्त होता हैं। इसलिए हम सभी वास्तु दोषों को चाहते हुए भी दूर नहीं कर पाते हैं।

वास्तु