व्यापार वृद्धि यंत्र

कोई भी व्यापार हो अगर उसमें बार-बार हानि हो रही है। चोरभय, अग्नि भय इत्यादि बार-बार परेशान करता हो। अथवा किसी अन्य प्रकार से व्यापार में बांधा उत्पन्न होती हो तो यह यंत्र वहां प्रतिष्ठित करने से शीघ्र ही व्यापार वृद्धि एवं लाभ होता है। इस यंत्र की चल अचल दोनों तरह से प्रतिष्ठा होती है।

इस यंत्र को काम्यकर्म अर्थात कामनापूर्ती के लिए किया जाता है इस यंत्र को सम्मुख रखकर भिन्न- भिन्न कामनाओं के लिए पृथक्-पृथक् वस्तुओं से होम करने का विधान शास्त्रों में वर्णित है, उन-उन वस्तुओं से होम करने से तत्-तत् कामनाएँ पूर्ण होती हैं।

 

यंत्र का उपयोग

व्यापार वृद्धि यंत्र को पूजा प्रतिष्ठा करने के पश्चात् व्यापार से सम्बन्धित ब्रह्मस्थल में स्थापित किया जाता है और हमेशा पूजा की जाती है ऐसा करने से रूके व्यापार में वृद्धि होती है तथा धन का आगमन होता हैं

व्यापार में निरन्तर घाटा होने की स्थिति में इस यंत्र को सम्मुख रखकर व्यापार वृद्धि का दस हजार ऋद्धि- सिद्धि मंत्र जप ने से शीघ्र ही व्यापार में लाभ होता है।

इस यंत्र की अचल प्रतिष्ठा करके व्यक्ति को अपने पास में रखने से अनेक तरह से व्यापार में लाभ होता है। प्रतिकूल रहने वाले व्यक्ति भी अनुकूल हो जाते हैं और अनेक प्रकार से लाभ प्रदान करने के लिए आतुर होने लगते हैं तथा निरन्तर व्यापार में लाभ होता जाता हैं।