सुख समृद्धि यंत्र

व्यापार, विदेश गमन, राजनीति, गृहस्थ जीवन नौकरी पेशा आदि में इस यंत्र का उपयोग करने से सुख एवं समृद्धि प्राप्त होती है। इस यंत्र की चल एवं अचल दोनों तरह से प्रतिष्ठा होती है।जिस लोगों अनेक तरह की भ्रत्तियां उत्पन्न होती हैं घर में निरन्तर क्लेश रहता हो तथा आपसी सम्बन्धों में कटुता उत्पन्न हुयी हो तो यह यंत्र उन लोगों के लिए वरदान स्वरूप साबित होता है। ऐसे लोगो के लिए इस यंत्र की पूजा उपासना करने से उन्हें मानसिक शान्ती एवं सहिष्णुता में वृद्धि होती हैं 


यंत्र का उपयोग

जब वाहन, मान नौकरों से कोई न कोई तकलीफ रहती हो व्यापार व्यवसाय में भयानक उतार चढ़ाव आते हो तथा घाटा होता हो तो ऐसी स्थिति में व्यापारिक एवं व्यवसायिक स्थिति अनुकूल होने के लिए इस यंत्र की पूजा उपासना करना उचित होगा।

अथक परिश्रम करने के बाद भी वांछित सफलता जिन्हें नहीं मिलती तथा कार्यो में असफलता मिलती है। बार-बार अपयश का सामना होता है। तो ऐसी स्थिति में यह यंत्र अत्यन्त लाभकारी है इस यंत्र की चल अचल दोनों प्रतिष्ठा होती है।

इस यंत्र के सम्मुख लक्ष्मी और गणेश का सम्पुटित मंत्र जप करने से सुख समृद्धि प्राप्त होती है। तथा आकरण हुये अपमान का शत्रु प्रायश्चित करता है और जीवन परयंत्र सम्मान प्रदान करता है।