स्फटिक माला

स्फटिक एक सामान्य प्राप्ति वाला रंगहीन तथा प्रायः पारदर्शक मिलने वाला अल्पमोली पत्थर है। यह पत्थर देखने में कांच जैसा प्रतीत होता है। सिलिका आक्साइड का एक रूप यह स्फटिक पत्थर स्वयं में विशेष आब तथा चमकयुक्त नहीं होता, लेकिन विशेष काट में काटने तथा पालिश करने पर इसमें चमक पैदा की जा सकती है। अच्छी काट के स्फटिक नगीने आभूषणों में प्रयोग किये जाते हैं। स्फटिक पत्थर से विशेष कटिंगदार मन के बना कर मालायें भी बनायी जाती हैं, जो अत्यन्त आकर्षक होने के बावजूद अल्पमोली

होती हैं। स्फटिक पत्थर से बनी विभिन्न देवी देवताओं की मूर्तियां एवं यंत्र बनाये जाते हैं।
स्फटिक माला से अनेक लाभ
यह केवल स्वास्थ्य लाभ के लिए नहीं बल्कि आध्यात्मिक क्षेत्र एवं बुद्धि जनित कार्य करने वाले के लिए भी अत्यन्त लाभकारी है।
सोमवार को स्फटिक माला धारण करने से मन में पूर्णतः शान्ती की अनुभूति होती हैं एवं सिर दर्द नहीं होता।
शनिवार को स्फटिक माला धारण करने से रक्त से सम्बन्धित बिमारियों में लाभ होता है।
अत्यधिक बुखार होने की स्थिति में स्फटिक माला को पानी में धोकर कुछ देर नाभि पर रखने से बुखार कम होता है एवं आराम मिलता है।