तेरह मुखी रुद्राक्ष

यह रुद्राक्ष स्वामी कार्तिकेय के समान है यह संपूर्ण कामनाओं एवं सिद्धिओं को देने वाला है। निसंतान वाले को संतान प्रदान करता है तथा सभी कार्यो में सफलता प्रदान करता है।

त्रयोदशास्यो रुद्राक्षो साक्षाद्देव पुरंदर।।

हे वत्स ! त्रयोदशमुखी रुद्राक्ष साक्षात इंद्र का स्वरूप है। जो मनुष्य त्रयोदशमुखी रुद्राक्ष को धारण करते हैं उनकी संपूर्ण मनोकामना सिद्ध होती है तथा वे अतुल संपत्ति के मालिक होते हुए भाग्यवान होते हैं। इसको धारण करने वाला व्यक्ति संपूर्ण धातुओं की रसायनियक सिद्धि का ज्ञाता हो जाता है। यह रुद्राक्ष समस्त प्रकार की शक्ति सिद्धियों को देने वाला है।

उपयोग से लाभ

तेरह मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाला व्यक्ति सभी प्रकार की धातुओं एवं रसायन आदि की सिद्धि का ज्ञाता होता है।
यह रुद्राक्ष धारण करने से विश्वदेव प्रसन्न होते हैं तथा करोड़ो महापातक नष्ट हो जाते हैं।
यह रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति प्रतापी एवं तेजस्वी होता है तथा सम्पूर्ण मनोकामनाएं सफल होती हैं।
तेरहमुखी रुद्राक्ष औषधि विज्ञान, रसायन क्षेत्र, धातु कार्य आदि से जुड़े हुये व्यपारियों को धन एवं वैभव प्रदान करता है।
इस रुद्राक्ष की माला पर तांत्रिक मंत्रों का जाप करने से तंत्र क्रिया सिद्ध होती है।